वाराणसी पंचांग
मंगलवार, 17 नवंबर 2026 · Uttar Pradesh
पंचांग के पाँच अंग
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी 06:05 AM (अगले दिन) तक, फिर शुक्ल नवमी 07:06 AM (अगले दिन) तक
- वार
- मंगलवार
- नक्षत्र
- धनिष्ठा 04:34 AM (अगले दिन) तक, फिर शतभिषा 06:10 AM (अगले दिन) तक
- योग
- वृद्धि 07:54 AM तक, फिर ध्रुव 08:05 AM (अगले दिन) तक
- करण
- विष्टि (भद्रा) 05:17 PM तक, फिर बव 06:05 AM (अगले दिन) तक, फिर बालव 06:42 PM (अगले दिन) तक
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- 06:16 AM
- सूर्यास्त
- 05:09 PM
- चंद्रोदय
- 12:20 PM
- चंद्रास्त
- 11:50 PM
- चंद्र राशि
- मकर 03:30 PM तक, फिर कुंभ 12:50 AM (अगले दिन) तक
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
शुभ-अशुभ समय
- राहु काल
- 02:26 PM – 03:47 PM
- यमगण्ड
- 08:59 AM – 10:21 AM
- गुलिक काल
- 11:42 AM – 01:04 PM
- अभिजित मुहूर्त
- 11:21 AM – 12:04 PM
मास और संवत
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
आपकी कुंडली के लिए आज
पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ
दूसरे शहरों का पंचांग
समय वाराणसी के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है