लाल किताब: दसवें भाव में गुरु
कर्म के घर में गुरु: उसूलों वाला करियर, जो विनम्रता, साफ़ आदतें और सरल आस्था मांगता है।
सावधानी चाहिएलाल किताब क्या कहती है
काल पुरुष क्रम में दसवां घर गुरु का नीच का घर है और शनि का है, इसलिए लाल किताब सावधानी मांगती है। व्यक्ति उसूलों वाले काम से ऊपर उठ सकता है, फिर भी काम में अच्छी सलाह की अनदेखी हो सकती है और व्यावहारिक दबाव में आदर्शों की परीक्षा हो सकती है। यहां किताब के उपाय जाने-माने हैं: केसर का तिलक, नदी में तांबे के सिक्के, और दिखावे के बिना सरल आस्था।
यहां गुरु ऐसा क्यों करता है
दसवां भाव शनि (सम ग्रह का) का पक्का घर है, इसलिए यहां गुरु मेहमान है। गुरु का अपना घर दूसरा, पांचवां, नौवां, ग्यारहवां, बारहवां है।
घर के स्वामी से इसका रिश्ता सम है: फल ज़्यादातर इस पर निर्भर है कि कुंडली में यह और किन ग्रहों से जुड़ा है।
काल पुरुष क्रम में दसवां भाव गुरु की नीच राशि का है। नीच का मतलब बुरा नहीं, बल्कि यह है कि ग्रह को सहारे की ज़रूरत है, और लाल किताब के उपाय यही सहारा देते हैं।
भाव के स्वामी: शनिगुरु का पक्का घर: दूसरा, पांचवां, नौवां, ग्यारहवां, बारहवांनीच
उपाय
- माथे पर केसर का तिलक लगाएं
- 43 दिन तक बहते पानी में तांबे का सिक्का बहाएं
- घर में मंदिर रखने की बजाय पूजा-स्थल जाएं
लाल किताब का नियम: एक समय में एक ही उपाय, 43 दिन लगातार, दिन के उजाले में, और ख़ुद करें। बीच में छूट जाए तो फिर से शुरू करें। उपाय के नियम
किन बातों से बचें
- शराब और मांस
- धर्म का दिखावा
क्या आपका गुरु दसवें भाव में है?
लाल किताब भाव आपके लग्न से गिनती है, इसलिए हर व्यक्ति के लिए गुरु अलग भाव में होता है। मुफ़्त कुंडली में अपना दसवां भाव देखें। अगर वहां गुरु नहीं है, तो HeyKundli बताएगा कि वहां कौन है और आपका गुरु कहां है।
अपना दसवां भाव देखें →लाल किताब में गुरु
गुरु ज्ञान, गुरु, भाग्य, पूर्वज और आस्था का ग्रह है। परिवार में: दादा, पिता, और गुरु। इसकी चीज़ें: चने की दाल, हल्दी, केसर, और पीला कपड़ा।
गुरु के बारे में सब →लाल किताब में दसवां भाव
कर्म का घर: करियर, पद, पिता का काम और सार्वजनिक जीवन।
दसवां भाव के बारे में सब →अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
लाल किताब में दसवें भाव में गुरु शुभ है या अशुभ?
लाल किताब इसे "सावधानी चाहिए" मानती है। कर्म के घर में गुरु: उसूलों वाला करियर, जो विनम्रता, साफ़ आदतें और सरल आस्था मांगता है।
दसवें भाव में गुरु का सबसे अच्छा लाल किताब उपाय क्या है?
माथे पर केसर का तिलक लगाएं। एक समय में एक ही उपाय करें, 43 दिन लगातार, दिन के उजाले में।
कैसे जानें कि मेरा गुरु दसवें भाव में है?
लाल किताब में भाव लग्न से गिने जाते हैं, इसलिए यह आपके जन्म के समय और स्थान पर निर्भर करता है। HeyKundli की मुफ़्त कुंडली इसे दिखाती है।
ये पारंपरिक लाल किताब पद्धतियां हैं, हमारे शब्दों में। ये चिकित्सा, कानूनी या आर्थिक सलाह की जगह नहीं लेतीं। हम कभी रत्न, महंगे अनुष्ठान या डराने वाली भविष्यवाणियां नहीं सुझाते। कुंडली की गणना कैसे होती है