भोपाल पंचांग
सोमवार, 4 जनवरी 2027 · Madhya Pradesh
पंचांग के पाँच अंग
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी 06:16 PM तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी 08:40 PM (अगले दिन) तक
- वार
- सोमवार
- नक्षत्र
- अनुराधा 12:15 AM (अगले दिन) तक, फिर ज्येष्ठा 03:07 AM (अगले दिन) तक
- योग
- शूल 12:03 PM तक, फिर गण्ड 12:43 PM (अगले दिन) तक
- करण
- तैतिल 06:16 PM तक, फिर गर 07:26 AM (अगले दिन) तक
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- 07:02 AM
- सूर्यास्त
- 05:47 PM
- चंद्रोदय
- 04:04 AM
- चंद्रास्त
- 02:49 PM
- चंद्र राशि
- वृश्चिक 03:07 AM (अगले दिन) तक
- सूर्य राशि
- धनु
शुभ-अशुभ समय
- राहु काल
- 08:23 AM – 09:43 AM
- यमगण्ड
- 11:04 AM – 12:25 PM
- गुलिक काल
- 01:45 PM – 03:06 PM
- अभिजित मुहूर्त
- 12:03 PM – 12:46 PM
मास और संवत
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
आपकी कुंडली के लिए आज
पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ
दूसरे शहरों का पंचांग
समय भोपाल के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है