जयपुर पंचांग
मंगलवार, 15 सितंबर 2026 · Rajasthan
पंचांग के पाँच अंग
- तिथि
- शुक्ल चतुर्थी 07:44 AM तक, फिर शुक्ल पंचमी 08:59 AM (अगले दिन) तक
- वार
- मंगलवार
- नक्षत्र
- स्वाती 03:21 PM तक, फिर विशाखा 05:22 PM (अगले दिन) तक
- योग
- इन्द्र 12:20 PM तक, फिर वैधृति 12:22 PM (अगले दिन) तक
- करण
- विष्टि (भद्रा) 07:44 AM तक, फिर बव 08:17 PM तक, फिर बालव 08:59 AM (अगले दिन) तक
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- 06:12 AM
- सूर्यास्त
- 06:31 PM
- चंद्रोदय
- 10:02 AM
- चंद्रास्त
- 08:53 PM
- चंद्र राशि
- तुला 10:49 AM (अगले दिन) तक
- सूर्य राशि
- सिंह
शुभ-अशुभ समय
- राहु काल
- 03:26 PM – 04:59 PM
- यमगण्ड
- 09:16 AM – 10:49 AM
- गुलिक काल
- 12:21 PM – 01:54 PM
- अभिजित मुहूर्त
- 11:57 AM – 12:46 PM
मास और संवत
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- मास (अमांत)
- भाद्रपद
- मास (पूर्णिमांत)
- भाद्रपद
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
आपकी कुंडली के लिए आज
पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ
दूसरे शहरों का पंचांग
समय जयपुर के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है