जयपुर पंचांग
रविवार, 20 दिसंबर 2026 · Rajasthan
एकादशी (व्रत)
पंचांग के पाँच अंग
- तिथि
- शुक्ल एकादशी 08:15 PM तक, फिर शुक्ल द्वादशी 05:36 PM (अगले दिन) तक
- वार
- रविवार
- नक्षत्र
- अश्विनी 02:55 PM तक, फिर भरणी 01:09 PM (अगले दिन) तक
- योग
- परिघ 08:10 AM तक, फिर शिव 05:07 AM (अगले दिन) तक, फिर सिद्ध 01:32 AM (अगले दिन) तक
- करण
- वणिज 09:18 AM तक, फिर विष्टि (भद्रा) 08:15 PM तक, फिर बव 07:00 AM (अगले दिन) तक, फिर बालव 05:36 PM (अगले दिन) तक
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- 07:10 AM
- सूर्यास्त
- 05:38 PM
- चंद्रोदय
- 02:04 PM
- चंद्रास्त
- 02:52 AM
- चंद्र राशि
- मेष 06:36 PM (अगले दिन) तक
- सूर्य राशि
- धनु
शुभ-अशुभ समय
- राहु काल
- 04:19 PM – 05:38 PM
- यमगण्ड
- 12:24 PM – 01:42 PM
- गुलिक काल
- 03:01 PM – 04:19 PM
- अभिजित मुहूर्त
- 12:03 PM – 12:45 PM
मास और संवत
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
आपकी कुंडली के लिए आज
पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ
दूसरे शहरों का पंचांग
समय जयपुर के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है