जयपुर पंचांग
शुक्रवार, 5 मार्च 2027 · Rajasthan
प्रदोष
पंचांग के पाँच अंग
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी 09:54 AM तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी 12:04 PM (अगले दिन) तक
- वार
- शुक्रवार
- नक्षत्र
- श्रवण 04:20 AM (अगले दिन) तक, फिर धनिष्ठा 06:42 AM (अगले दिन) तक
- योग
- परिघ 02:42 AM (अगले दिन) तक, फिर शिव 03:05 AM (अगले दिन) तक
- करण
- तैतिल 09:54 AM तक, फिर गर 11:02 PM तक, फिर वणिज 12:04 PM (अगले दिन) तक
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- 06:47 AM
- सूर्यास्त
- 06:30 PM
- चंद्रोदय
- 04:54 AM
- चंद्रास्त
- 03:52 PM
- चंद्र राशि
- मकर 05:34 PM (अगले दिन) तक
- सूर्य राशि
- कुंभ
शुभ-अशुभ समय
- राहु काल
- 11:10 AM – 12:38 PM
- यमगण्ड
- 03:34 PM – 05:02 PM
- गुलिक काल
- 08:15 AM – 09:42 AM
- अभिजित मुहूर्त
- 12:15 PM – 01:02 PM
मास और संवत
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
आपकी कुंडली के लिए आज
पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ
दूसरे शहरों का पंचांग
समय जयपुर के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है