वाराणसी पंचांग
बुधवार, 3 फ़रवरी 2027 · Uttar Pradesh
प्रदोष
पंचांग के पाँच अंग
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी 01:50 PM तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी 04:31 PM (अगले दिन) तक
- वार
- बुधवार
- नक्षत्र
- मूल 12:26 PM तक, फिर पूर्वाषाढ़ा 03:32 PM (अगले दिन) तक
- योग
- हर्षण 06:44 PM तक, फिर वज्र 07:41 PM (अगले दिन) तक
- करण
- तैतिल 01:50 PM तक, फिर गर 03:11 AM (अगले दिन) तक, फिर वणिज 04:31 PM (अगले दिन) तक
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- 06:40 AM
- सूर्यास्त
- 05:43 PM
- चंद्रोदय
- 04:19 AM
- चंद्रास्त
- 02:48 PM
- चंद्र राशि
- धनु 10:18 PM (अगले दिन) तक
- सूर्य राशि
- मकर
शुभ-अशुभ समय
- राहु काल
- 12:11 PM – 01:34 PM
- यमगण्ड
- 08:03 AM – 09:26 AM
- गुलिक काल
- 10:49 AM – 12:11 PM
- अभिजित मुहूर्त
- 11:49 AM – 12:34 PM
मास और संवत
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- मास (अमांत)
- पौष
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
आपकी कुंडली के लिए आज
पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ
दूसरे शहरों का पंचांग
समय वाराणसी के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है