लाल किताब: पांचवें भाव में राहु
संतान के घर में राहु: असामान्य, आविष्कारी मन, जो बच्चों की देखभाल और जोखिम में ईमानदारी से स्थिर होता है।
मिला-जुलालाल किताब क्या कहती है
पांचवां घर गुरु का है, जो राहु को शत्रु मानता है, और सूर्य का, जो ख़ुद राहु का शत्रु है, इसलिए लाल किताब यहां राहु को मिला-जुला मानती है। मन आविष्कारी और लीक से हटकर होता है, पर सट्टा लुभाता है और बच्चों की चिंता बढ़ सकती है। किताब कहती है कि व्यक्ति जुए से दूर रहे और अपनी संतान के करीब रहे।
यहां राहु ऐसा क्यों करता है
पांचवां भाव गुरु (सम ग्रह का) और सूर्य (शत्रु का) का पक्का घर है, इसलिए यहां राहु मेहमान है। राहु का अपना घर बारहवां है।
घर के एक स्वामी से मित्रता और दूसरे से शत्रुता है, इसलिए फल मिला-जुला रहता है और साथ बैठे ग्रहों पर निर्भर करता है।
भाव के स्वामी: गुरु, सूर्यराहु का पक्का घर: बारहवां
उपाय
- अपनी संतान के साथ समय बिताएं और उनकी बात सुनें
- थोड़ी चांदी अपने पास रखें
- पूजा-स्थल पर जौ या नारियल दें
लाल किताब का नियम: एक समय में एक ही उपाय, 43 दिन लगातार, दिन के उजाले में, और ख़ुद करें। बीच में छूट जाए तो फिर से शुरू करें। उपाय के नियम
किन बातों से बचें
- जुआ और सट्टा
- पैसे को लेकर जीवनसाथी से राज़
क्या आपका राहु पांचवें भाव में है?
लाल किताब भाव आपके लग्न से गिनती है, इसलिए हर व्यक्ति के लिए राहु अलग भाव में होता है। मुफ़्त कुंडली में अपना पांचवां भाव देखें। अगर वहां राहु नहीं है, तो HeyKundli बताएगा कि वहां कौन है और आपका राहु कहां है।
अपना पांचवां भाव देखें →लाल किताब में राहु
राहु अचानक मोड़, अनजानी चीज़ें, विदेश, महत्वाकांक्षा और भ्रम का ग्रह है। परिवार में: ससुराल, और ननिहाल। इसकी चीज़ें: जौ, कोयला, मूली, नारियल, और नीला या गहरा कपड़ा।
राहु के बारे में सब →लाल किताब में पांचवां भाव
संतान और विद्या का घर: संतान, शिक्षा, बुद्धि, प्रेम और रचनात्मकता।
पांचवां भाव के बारे में सब →अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
लाल किताब में पांचवें भाव में राहु शुभ है या अशुभ?
लाल किताब इसे "मिला-जुला" मानती है। संतान के घर में राहु: असामान्य, आविष्कारी मन, जो बच्चों की देखभाल और जोखिम में ईमानदारी से स्थिर होता है।
पांचवें भाव में राहु का सबसे अच्छा लाल किताब उपाय क्या है?
अपनी संतान के साथ समय बिताएं और उनकी बात सुनें। एक समय में एक ही उपाय करें, 43 दिन लगातार, दिन के उजाले में।
कैसे जानें कि मेरा राहु पांचवें भाव में है?
लाल किताब में भाव लग्न से गिने जाते हैं, इसलिए यह आपके जन्म के समय और स्थान पर निर्भर करता है। HeyKundli की मुफ़्त कुंडली इसे दिखाती है।
ये पारंपरिक लाल किताब पद्धतियां हैं, हमारे शब्दों में। ये चिकित्सा, कानूनी या आर्थिक सलाह की जगह नहीं लेतीं। हम कभी रत्न, महंगे अनुष्ठान या डराने वाली भविष्यवाणियां नहीं सुझाते। कुंडली की गणना कैसे होती है