लाल किताब में शनि: स्वभाव और उपाय
शनि कर्म, अनुशासन, न्याय, सेवक और लंबी मेहनत का ग्रह है।
शनि लाल किताब का न्यायाधीश है। यह सज़ा देने वाला नहीं है: यह कर्म और आचरण से कमाया गया ठीक-ठीक फल देता है, धीरे-धीरे और पूरा। इसके अपने घर आठवां, दसवां और ग्यारहवां हैं। लाल किताब कहती है कि शनि उस सांप जैसा है जो तभी डसता है जब उस पर पैर पड़े, इसलिए इसके उपाय ज़्यादातर आचरण के बारे में हैं।
शनि के उपाय उन चीज़ों से बचते हैं जो शनि को पसंद नहीं, और वह देते हैं जो उसे पसंद है: शराब, मांस और झूठ से दूरी, और मज़दूरों व ग़रीबों से न्यायपूर्ण बर्ताव। इसकी चीज़ें दान की जाती हैं: सरसों का तेल, काली उड़द, लोहा। लाल किताब साफ़ कहती है कि मज़दूरों और बुज़ुर्गों की सेवा शनि का सबसे पक्का उपाय है।
शनि एक नज़र में
- पक्का घर
- आठवां, दसवां, ग्यारहवां
- उच्च / नीच
- सातवां / पहला भाव
- मित्र
- बुध, शुक्र, राहु
- शत्रु
- सूर्य, चंद्र, मंगल
- परिवार में
- चाचा-ताऊ, और आपके लिए काम करने वाले लोग
- इसकी चीज़ें
- सरसों का तेल, लोहा, काली उड़द, बादाम, और काले तिल
जब शनि ध्यान मांगता है
- मेहनत का फल देर से, या रुकावटों के बाद मिलना
- कर्मचारियों, मज़दूरों या चाचा-ताऊ से परेशानी
- भारीपन, अकेलापन और रुके होने का एहसास
ये संकेत हैं, भविष्यवाणी नहीं।
शनि के सामान्य उपाय
- शराब, मांस और झूठ से दूर रहें
- शनिवार को किसी ज़रूरतमंद को सरसों का तेल या काली उड़द दें
- कामगारों से न्यायपूर्ण बर्ताव करें, और बुज़ुर्गों व मज़दूरों की मदद करें
लाल किताब का नियम: एक समय में एक ही उपाय, 43 दिन लगातार, दिन के उजाले में, और ख़ुद करें। बीच में छूट जाए तो फिर से शुरू करें। उपाय के नियम
बारह भावों में शनि
आपका शनि किस भाव में है?
लाल किताब घर आपके लग्न से गिनती है, इसलिए शनि हर व्यक्ति के लिए अलग भाव में होता है। मुफ़्त कुंडली में देखें कि आपका शनि कहां है, और HeyKundli उसे आपकी पूरी कुंडली के साथ पढ़ेगा।
अपने शनि का भाव देखें →अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
लाल किताब में शनि के उपाय क्या हैं?
शराब, मांस और झूठ से दूर रहें। शनिवार को किसी ज़रूरतमंद को सरसों का तेल या काली उड़द दें। कामगारों से न्यायपूर्ण बर्ताव करें, और बुज़ुर्गों व मज़दूरों की मदद करें। हर भाव के लिए अलग उपाय नीचे दिए भावों के पन्नों पर हैं।
लाल किताब में शनि का पक्का घर कौन-सा है?
शनि का पक्का घर आठवां, दसवां, ग्यारहवां है। अपने घर में बैठा ग्रह अपना असली स्वभाव दिखाता है।
ये पारंपरिक लाल किताब पद्धतियां हैं, हमारे शब्दों में। ये चिकित्सा, कानूनी या आर्थिक सलाह की जगह नहीं लेतीं। हम कभी रत्न, महंगे अनुष्ठान या डराने वाली भविष्यवाणियां नहीं सुझाते। कुंडली की गणना कैसे होती है