लाल किताब में शुक्र: स्वभाव और उपाय
शुक्र विवाह, सुख-सुविधा, सुंदरता, प्रेम और गृहस्थी का ग्रह है।
लाल किताब में शुक्र जीवनसाथी और ख़ुद गृहस्थी है: सुख-सुविधा, सुंदरता, अच्छी चीज़ों के लिए धन, और दो लोगों के बीच की गर्माहट। इसका अपना घर सातवां है। लाल किताब शुक्र को गाय और पत्नी से गहराई से जोड़ती है, और शुक्र के कई उपाय दोनों की देखभाल के काम हैं।
शुक्र के उपाय कोमल हैं: गाय को भोजन देना, दही या घी देना, साफ़ कपड़े और सुगंधित घर रखना, और सबसे बढ़कर अपने जीवनसाथी का सम्मान करना। किताब कहती है कि कोई अपने जीवनसाथी से कैसा बर्ताव करता है, यही उसके शुक्र का सबसे साफ़ आईना है।
शुक्र एक नज़र में
- पक्का घर
- सातवां
- उच्च / नीच
- बारहवां / छठा भाव
- मित्र
- बुध, शनि, केतु
- शत्रु
- सूर्य, चंद्र, राहु
- परिवार में
- पत्नी या पति, और गृहस्थी
- इसकी चीज़ें
- दही, घी, कपूर, सफ़ेद कपड़ा, और गाय के लिए भोजन
जब शुक्र ध्यान मांगता है
- विवाह में ठंडापन या झगड़े
- सुख-सुविधा का धन आना-जाना
- रूप, कपड़ों और घर की अनदेखी
ये संकेत हैं, भविष्यवाणी नहीं।
शुक्र के सामान्य उपाय
- कम से कम शुक्रवार को अपने भोजन से पहले गाय को भोजन दें
- शुक्रवार को किसी ज़रूरतमंद को दही, घी या सफ़ेद मिठाई दें
- जीवनसाथी का सम्मान करें, और कपड़े साफ़ व घर सुगंधित रखें
लाल किताब का नियम: एक समय में एक ही उपाय, 43 दिन लगातार, दिन के उजाले में, और ख़ुद करें। बीच में छूट जाए तो फिर से शुरू करें। उपाय के नियम
बारह भावों में शुक्र
आपका शुक्र किस भाव में है?
लाल किताब घर आपके लग्न से गिनती है, इसलिए शुक्र हर व्यक्ति के लिए अलग भाव में होता है। मुफ़्त कुंडली में देखें कि आपका शुक्र कहां है, और HeyKundli उसे आपकी पूरी कुंडली के साथ पढ़ेगा।
अपने शुक्र का भाव देखें →अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
लाल किताब में शुक्र के उपाय क्या हैं?
कम से कम शुक्रवार को अपने भोजन से पहले गाय को भोजन दें। शुक्रवार को किसी ज़रूरतमंद को दही, घी या सफ़ेद मिठाई दें। जीवनसाथी का सम्मान करें, और कपड़े साफ़ व घर सुगंधित रखें। हर भाव के लिए अलग उपाय नीचे दिए भावों के पन्नों पर हैं।
लाल किताब में शुक्र का पक्का घर कौन-सा है?
शुक्र का पक्का घर सातवां है। अपने घर में बैठा ग्रह अपना असली स्वभाव दिखाता है।
ये पारंपरिक लाल किताब पद्धतियां हैं, हमारे शब्दों में। ये चिकित्सा, कानूनी या आर्थिक सलाह की जगह नहीं लेतीं। हम कभी रत्न, महंगे अनुष्ठान या डराने वाली भविष्यवाणियां नहीं सुझाते। कुंडली की गणना कैसे होती है