अमृतसर पंचांग
मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026 · Punjab
पंचांग के पाँच अंग
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी 04:52 AM (अगले दिन) तक, फिर शुक्ल नवमी 02:41 AM (अगले दिन) तक
- वार
- मंगलवार
- नक्षत्र
- कृत्तिका 03:07 PM तक, फिर रोहिणी 01:38 PM (अगले दिन) तक
- योग
- इन्द्र 07:23 AM तक, फिर वैधृति 04:26 AM (अगले दिन) तक, फिर विष्कम्भ 01:28 AM (अगले दिन) तक
- करण
- विष्टि (भद्रा) 05:57 PM तक, फिर बव 04:52 AM (अगले दिन) तक, फिर बालव 03:46 PM (अगले दिन) तक
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- 07:03 AM
- सूर्यास्त
- 06:24 PM
- चंद्रोदय
- 10:59 AM
- चंद्रास्त
- 12:47 AM
- चंद्र राशि
- वृषभ 12:54 AM (अगले दिन) तक
- सूर्य राशि
- कुंभ
शुभ-अशुभ समय
- राहु काल
- 03:34 PM – 04:59 PM
- यमगण्ड
- 09:53 AM – 11:18 AM
- गुलिक काल
- 12:43 PM – 02:09 PM
- अभिजित मुहूर्त
- 12:21 PM – 01:06 PM
मास और संवत
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- मास (अमांत)
- फाल्गुन
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
आपकी कुंडली के लिए आज
पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ
पंचांग क्या है
पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के 12 अंश के अंतर से बनती है, इसलिए एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं। नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति से, और योग सूर्य-चंद्र के जोड़ से निकलता है।
पंचांग सूर्योदय पर आधारित है, इसलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है: तिथि का अंत एक ही क्षण पर होता है, पर सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।
यहाँ हर मान स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश से गणना किया गया है, अनुमान से नहीं।
आज अमृतसर में कौन सी तिथि है?
मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026 को अमृतसर में: शुक्ल अष्टमी 04:52 AM (अगले दिन) तक, फिर शुक्ल नवमी 02:41 AM (अगले दिन) तक।
आज अमृतसर में राहु काल कब है?
मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026 को अमृतसर में राहु काल 03:34 PM – 04:59 PM है। राहु काल दिन के आठ भागों में से एक है; परंपरा में इसमें नया काम शुरू नहीं किया जाता।
आज का नक्षत्र कौन सा है?
कृत्तिका 03:07 PM तक, फिर रोहिणी 01:38 PM (अगले दिन) तक।
आज अमृतसर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 07:03 AM, सूर्यास्त 06:24 PM।
क्या हर शहर का पंचांग एक जैसा होता है?
नहीं। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण पर बदलते हैं, पर सूर्योदय, राहु काल और शुभ मुहूर्त शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर हैं।
दूसरे शहरों का पंचांग
समय अमृतसर के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है