पंचांग

कोलकाता पंचांग

मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026 · West Bengal

पंचांग के पाँच अंग

तिथि
कृष्ण द्वितीया 12:41 AM (अगले दिन) तक, फिर कृष्ण तृतीया 12:10 AM (अगले दिन) तक
वार
मंगलवार
नक्षत्र
मघा 10:10 PM तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी 10:12 PM (अगले दिन) तक
योग
शोभन 02:39 AM (अगले दिन) तक, फिर अतिगण्ड 01:04 AM (अगले दिन) तक
करण
तैतिल 01:12 PM तक, फिर गर 12:41 AM (अगले दिन) तक, फिर वणिज 12:20 PM (अगले दिन) तक

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
06:14 AM
सूर्यास्त
05:26 PM
चंद्रोदय
06:56 PM
चंद्रास्त
07:10 AM
चंद्र राशि
सिंह 04:20 AM (अगले दिन) तक
सूर्य राशि
मकर

शुभ-अशुभ समय

राहु काल
02:38 PM – 04:02 PM
यमगण्ड
09:02 AM – 10:26 AM
गुलिक काल
11:50 AM – 01:14 PM
अभिजित मुहूर्त
11:28 AM – 12:12 PM

मास और संवत

पक्ष
कृष्ण पक्ष
मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947

आपकी कुंडली के लिए आज

पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ

कोलकाता में इस हफ़्ते का राहु काल · कोलकाता का चौघड़िया

पंचांग क्या है

पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के 12 अंश के अंतर से बनती है, इसलिए एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं। नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति से, और योग सूर्य-चंद्र के जोड़ से निकलता है।

पंचांग सूर्योदय पर आधारित है, इसलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है: तिथि का अंत एक ही क्षण पर होता है, पर सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।

यहाँ हर मान स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश से गणना किया गया है, अनुमान से नहीं।

आज कोलकाता में कौन सी तिथि है?

मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026 को कोलकाता में: कृष्ण द्वितीया 12:41 AM (अगले दिन) तक, फिर कृष्ण तृतीया 12:10 AM (अगले दिन) तक।

आज कोलकाता में राहु काल कब है?

मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026 को कोलकाता में राहु काल 02:38 PM – 04:02 PM है। राहु काल दिन के आठ भागों में से एक है; परंपरा में इसमें नया काम शुरू नहीं किया जाता।

आज का नक्षत्र कौन सा है?

मघा 10:10 PM तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी 10:12 PM (अगले दिन) तक।

आज कोलकाता में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय 06:14 AM, सूर्यास्त 05:26 PM।

क्या हर शहर का पंचांग एक जैसा होता है?

नहीं। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण पर बदलते हैं, पर सूर्योदय, राहु काल और शुभ मुहूर्त शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर हैं।

दूसरे शहरों का पंचांग

समय कोलकाता के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है