पंचांग

कोलकाता पंचांग

बुधवार, 29 अप्रैल 2026 · West Bengal

प्रदोष

पंचांग के पाँच अंग

तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 07:52 PM तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी 09:13 PM (अगले दिन) तक
वार
बुधवार
नक्षत्र
हस्त 12:16 AM (अगले दिन) तक, फिर चित्रा 02:16 AM (अगले दिन) तक
योग
हर्षण 08:51 PM तक, फिर वज्र 08:55 PM (अगले दिन) तक
करण
कौलव 07:19 AM तक, फिर तैतिल 07:52 PM तक, फिर गर 08:30 AM (अगले दिन) तक

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
05:05 AM
सूर्यास्त
06:02 PM
चंद्रोदय
04:04 PM
चंद्रास्त
03:21 AM
चंद्र राशि
कन्या 01:14 PM (अगले दिन) तक
सूर्य राशि
मेष

शुभ-अशुभ समय

राहु काल
11:34 AM – 01:11 PM
यमगण्ड
06:42 AM – 08:19 AM
गुलिक काल
09:56 AM – 11:34 AM
अभिजित मुहूर्त
11:08 AM – 11:59 AM

मास और संवत

पक्ष
शुक्ल पक्ष
मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

आपकी कुंडली के लिए आज

पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ

कोलकाता में इस हफ़्ते का राहु काल · कोलकाता का चौघड़िया

पंचांग क्या है

पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के 12 अंश के अंतर से बनती है, इसलिए एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं। नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति से, और योग सूर्य-चंद्र के जोड़ से निकलता है।

पंचांग सूर्योदय पर आधारित है, इसलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है: तिथि का अंत एक ही क्षण पर होता है, पर सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।

यहाँ हर मान स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश से गणना किया गया है, अनुमान से नहीं।

आज कोलकाता में कौन सी तिथि है?

बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को कोलकाता में: शुक्ल त्रयोदशी 07:52 PM तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी 09:13 PM (अगले दिन) तक।

आज कोलकाता में राहु काल कब है?

बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को कोलकाता में राहु काल 11:34 AM – 01:11 PM है। राहु काल दिन के आठ भागों में से एक है; परंपरा में इसमें नया काम शुरू नहीं किया जाता।

आज का नक्षत्र कौन सा है?

हस्त 12:16 AM (अगले दिन) तक, फिर चित्रा 02:16 AM (अगले दिन) तक।

आज कोलकाता में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय 05:05 AM, सूर्यास्त 06:02 PM।

क्या हर शहर का पंचांग एक जैसा होता है?

नहीं। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण पर बदलते हैं, पर सूर्योदय, राहु काल और शुभ मुहूर्त शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर हैं।

दूसरे शहरों का पंचांग

समय कोलकाता के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है