लखनऊ पंचांग
बुधवार, 11 फ़रवरी 2026 · Uttar Pradesh
पंचांग के पाँच अंग
- तिथि
- कृष्ण नवमी 09:59 AM तक, फिर कृष्ण दशमी 12:22 PM (अगले दिन) तक
- वार
- बुधवार
- नक्षत्र
- अनुराधा 10:53 AM तक, फिर ज्येष्ठा 01:42 PM (अगले दिन) तक
- योग
- व्याघात 02:29 AM (अगले दिन) तक, फिर हर्षण 03:05 AM (अगले दिन) तक
- करण
- गर 09:59 AM तक, फिर वणिज 11:12 PM तक, फिर विष्टि (भद्रा) 12:22 PM (अगले दिन) तक
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- 06:45 AM
- सूर्यास्त
- 05:55 PM
- चंद्रोदय
- 01:55 AM
- चंद्रास्त
- 12:16 PM
- चंद्र राशि
- वृश्चिक 01:42 PM (अगले दिन) तक
- सूर्य राशि
- मकर
शुभ-अशुभ समय
- राहु काल
- 12:20 PM – 01:44 PM
- यमगण्ड
- 08:09 AM – 09:33 AM
- गुलिक काल
- 10:56 AM – 12:20 PM
- अभिजित मुहूर्त
- 11:58 AM – 12:42 PM
मास और संवत
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- मास (अमांत)
- माघ
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
आपकी कुंडली के लिए आज
पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ
पंचांग क्या है
पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के 12 अंश के अंतर से बनती है, इसलिए एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं। नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति से, और योग सूर्य-चंद्र के जोड़ से निकलता है।
पंचांग सूर्योदय पर आधारित है, इसलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है: तिथि का अंत एक ही क्षण पर होता है, पर सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।
यहाँ हर मान स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश से गणना किया गया है, अनुमान से नहीं।
आज लखनऊ में कौन सी तिथि है?
बुधवार, 11 फ़रवरी 2026 को लखनऊ में: कृष्ण नवमी 09:59 AM तक, फिर कृष्ण दशमी 12:22 PM (अगले दिन) तक।
आज लखनऊ में राहु काल कब है?
बुधवार, 11 फ़रवरी 2026 को लखनऊ में राहु काल 12:20 PM – 01:44 PM है। राहु काल दिन के आठ भागों में से एक है; परंपरा में इसमें नया काम शुरू नहीं किया जाता।
आज का नक्षत्र कौन सा है?
अनुराधा 10:53 AM तक, फिर ज्येष्ठा 01:42 PM (अगले दिन) तक।
आज लखनऊ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 06:45 AM, सूर्यास्त 05:55 PM।
क्या हर शहर का पंचांग एक जैसा होता है?
नहीं। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण पर बदलते हैं, पर सूर्योदय, राहु काल और शुभ मुहूर्त शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर हैं।
दूसरे शहरों का पंचांग
समय लखनऊ के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है