पंचांग

लखनऊ पंचांग

शनिवार, 11 अप्रैल 2026 · Uttar Pradesh

पंचांग के पाँच अंग

तिथि
कृष्ण नवमी 12:38 AM (अगले दिन) तक, फिर कृष्ण दशमी 01:17 AM (अगले दिन) तक
वार
शनिवार
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 01:40 PM तक, फिर श्रवण 03:14 PM (अगले दिन) तक
योग
सिद्ध 06:39 PM तक, फिर साध्य 06:15 PM (अगले दिन) तक
करण
तैतिल 12:01 PM तक, फिर गर 12:38 AM (अगले दिन) तक, फिर वणिज 01:03 PM (अगले दिन) तक

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
05:46 AM
सूर्यास्त
06:28 PM
चंद्रोदय
01:45 AM
चंद्रास्त
12:26 PM
चंद्र राशि
मकर 03:44 AM (अगले दिन) तक
सूर्य राशि
मीन

शुभ-अशुभ समय

राहु काल
08:57 AM – 10:32 AM
यमगण्ड
01:42 PM – 03:17 PM
गुलिक काल
05:46 AM – 07:21 AM
अभिजित मुहूर्त
11:42 AM – 12:32 PM

मास और संवत

पक्ष
कृष्ण पक्ष
मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

आपकी कुंडली के लिए आज

पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ

लखनऊ में इस हफ़्ते का राहु काल · लखनऊ का चौघड़िया

पंचांग क्या है

पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के 12 अंश के अंतर से बनती है, इसलिए एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं। नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति से, और योग सूर्य-चंद्र के जोड़ से निकलता है।

पंचांग सूर्योदय पर आधारित है, इसलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है: तिथि का अंत एक ही क्षण पर होता है, पर सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।

यहाँ हर मान स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश से गणना किया गया है, अनुमान से नहीं।

आज लखनऊ में कौन सी तिथि है?

शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को लखनऊ में: कृष्ण नवमी 12:38 AM (अगले दिन) तक, फिर कृष्ण दशमी 01:17 AM (अगले दिन) तक।

आज लखनऊ में राहु काल कब है?

शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को लखनऊ में राहु काल 08:57 AM – 10:32 AM है। राहु काल दिन के आठ भागों में से एक है; परंपरा में इसमें नया काम शुरू नहीं किया जाता।

आज का नक्षत्र कौन सा है?

उत्तराषाढ़ा 01:40 PM तक, फिर श्रवण 03:14 PM (अगले दिन) तक।

आज लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय 05:46 AM, सूर्यास्त 06:28 PM।

क्या हर शहर का पंचांग एक जैसा होता है?

नहीं। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण पर बदलते हैं, पर सूर्योदय, राहु काल और शुभ मुहूर्त शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर हैं।

दूसरे शहरों का पंचांग

समय लखनऊ के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है