पंचांग

विशाखापत्तनम पंचांग

रविवार, 1 फ़रवरी 2026 · Andhra Pradesh

पूर्णिमा

पंचांग के पाँच अंग

तिथि
शुक्ल पूर्णिमा 03:39 AM (अगले दिन) तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा 01:52 AM (अगले दिन) तक
वार
रविवार
नक्षत्र
पुष्य 11:58 PM तक, फिर आश्लेषा 10:47 PM (अगले दिन) तक
योग
प्रीति 10:18 AM तक, फिर आयुष्मान 07:20 AM (अगले दिन) तक
करण
विष्टि (भद्रा) 04:43 PM तक, फिर बव 03:39 AM (अगले दिन) तक, फिर बालव 02:42 PM (अगले दिन) तक

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
06:29 AM
सूर्यास्त
05:52 PM
चंद्रोदय
05:22 PM
चंद्रास्त
05:55 AM
चंद्र राशि
कर्क 10:47 PM (अगले दिन) तक
सूर्य राशि
मकर

शुभ-अशुभ समय

राहु काल
04:26 PM – 05:52 PM
यमगण्ड
12:10 PM – 01:36 PM
गुलिक काल
03:01 PM – 04:26 PM
अभिजित मुहूर्त
11:47 AM – 12:33 PM

मास और संवत

पक्ष
शुक्ल पक्ष
मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947

आपकी कुंडली के लिए आज

पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ

विशाखापत्तनम में इस हफ़्ते का राहु काल · विशाखापत्तनम का चौघड़िया

पंचांग क्या है

पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के 12 अंश के अंतर से बनती है, इसलिए एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं। नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति से, और योग सूर्य-चंद्र के जोड़ से निकलता है।

पंचांग सूर्योदय पर आधारित है, इसलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है: तिथि का अंत एक ही क्षण पर होता है, पर सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।

यहाँ हर मान स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश से गणना किया गया है, अनुमान से नहीं।

आज विशाखापत्तनम में कौन सी तिथि है?

रविवार, 1 फ़रवरी 2026 को विशाखापत्तनम में: शुक्ल पूर्णिमा 03:39 AM (अगले दिन) तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा 01:52 AM (अगले दिन) तक।

आज विशाखापत्तनम में राहु काल कब है?

रविवार, 1 फ़रवरी 2026 को विशाखापत्तनम में राहु काल 04:26 PM – 05:52 PM है। राहु काल दिन के आठ भागों में से एक है; परंपरा में इसमें नया काम शुरू नहीं किया जाता।

आज का नक्षत्र कौन सा है?

पुष्य 11:58 PM तक, फिर आश्लेषा 10:47 PM (अगले दिन) तक।

आज विशाखापत्तनम में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय 06:29 AM, सूर्यास्त 05:52 PM।

क्या हर शहर का पंचांग एक जैसा होता है?

नहीं। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण पर बदलते हैं, पर सूर्योदय, राहु काल और शुभ मुहूर्त शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर हैं।

दूसरे शहरों का पंचांग

समय विशाखापत्तनम के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है