वाराणसी का चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| उद्वेग | 06:05 AM – 07:29 AM | अशुभ |
| चर | 07:29 AM – 08:53 AM | यात्रा |
| लाभ | 08:53 AM – 10:17 AM | शुभ |
| अमृत | 10:17 AM – 11:41 AM | शुभ |
| काल | 11:41 AM – 01:05 PM | अशुभ |
| शुभ | 01:05 PM – 02:29 PM | शुभ |
| रोग | 02:29 PM – 03:53 PM | अशुभ |
| उद्वेग | 03:53 PM – 05:17 PM | अशुभ |
रात का चौघड़िया
| शुभ | 05:17 PM – 06:53 PM | शुभ |
| अमृत | 06:53 PM – 08:29 PM | शुभ |
| चर | 08:29 PM – 10:05 PM | यात्रा |
| रोग | 10:05 PM – 11:41 PM | अशुभ |
| काल | 11:41 PM – 01:17 AM (अगले दिन) | अशुभ |
| लाभ | 01:17 AM (अगले दिन) – 02:53 AM (अगले दिन) | शुभ |
| उद्वेग | 02:53 AM (अगले दिन) – 04:30 AM (अगले दिन) | अशुभ |
| शुभ | 04:30 AM (अगले दिन) – 06:06 AM (अगले दिन) | शुभ |
अगले 6 दिन: दिन के शुभ चौघड़िया
- सोमवार, 2 नवंबर 2026: अमृत 06:06 AM – 07:29 AM, शुभ 08:53 AM – 10:17 AM, लाभ 02:29 PM – 03:53 PM, अमृत 03:53 PM – 05:16 PM
- मंगलवार, 3 नवंबर 2026: लाभ 10:17 AM – 11:41 AM, अमृत 11:41 AM – 01:05 PM, शुभ 02:28 PM – 03:52 PM
- बुधवार, 4 नवंबर 2026: लाभ 06:07 AM – 07:30 AM, अमृत 07:30 AM – 08:54 AM, शुभ 10:17 AM – 11:41 AM, लाभ 03:52 PM – 05:15 PM
- गुरुवार, 5 नवंबर 2026: शुभ 06:08 AM – 07:31 AM, लाभ 11:41 AM – 01:04 PM, अमृत 01:04 PM – 02:28 PM, शुभ 03:51 PM – 05:15 PM
- शुक्रवार, 6 नवंबर 2026: लाभ 07:31 AM – 08:55 AM, अमृत 08:55 AM – 10:18 AM, शुभ 11:41 AM – 01:04 PM
- शनिवार, 7 नवंबर 2026: शुभ 07:32 AM – 08:55 AM, लाभ 01:04 PM – 02:27 PM, अमृत 02:27 PM – 03:50 PM
वाराणसी का पूरा पंचांग · वाराणसी में राहु काल
चौघड़िया क्या है
दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है, हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का। हर भाग का एक नाम और स्वामी ग्रह है।
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं; चर यात्रा के लिए ठीक है; उद्वेग, काल और रोग में नया काम शुरू नहीं किया जाता। दिन का पहला चौघड़िया वार के स्वामी का होता है।
यहाँ के समय उस शहर के वास्तविक सूर्योदय और सूर्यास्त से गणना किए गए हैं।
आज वाराणसी में शुभ चौघड़िया कब है?
रविवार, 1 नवंबर 2026 को दिन में: लाभ 08:53 AM – 10:17 AM; अमृत 10:17 AM – 11:41 AM; शुभ 01:05 PM – 02:29 PM।
कौन से चौघड़िया शुभ हैं?
अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं; चर यात्रा के लिए ठीक; उद्वेग, काल और रोग अशुभ माने जाते हैं।
चौघड़िया की गणना कैसे होती है?
सूर्योदय से सूर्यास्त के समय को 8 से भाग दें; हर भाग एक चौघड़िया है। रात के लिए सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक यही करें।