पंचांग

श्रीनगर पंचांग

बुधवार, 28 अप्रैल 2027 · Jammu and Kashmir

पंचांग के पाँच अंग

तिथि
कृष्ण सप्तमी 12:31 PM तक, फिर कृष्ण अष्टमी 03:01 PM (अगले दिन) तक
वार
बुधवार
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 05:30 PM तक, फिर श्रवण 08:30 PM (अगले दिन) तक
योग
साध्य 04:44 PM तक, फिर शुभ 05:42 PM (अगले दिन) तक
करण
बव 12:31 PM तक, फिर बालव 01:47 AM (अगले दिन) तक, फिर कौलव 03:01 PM (अगले दिन) तक

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
05:45 AM
सूर्यास्त
07:12 PM
चंद्रोदय
01:08 AM
चंद्रास्त
11:20 AM
चंद्र राशि
मकर 09:54 AM (अगले दिन) तक
सूर्य राशि
मेष

शुभ-अशुभ समय

राहु काल
12:28 PM – 02:09 PM
यमगण्ड
07:25 AM – 09:06 AM
गुलिक काल
10:47 AM – 12:28 PM
अभिजित मुहूर्त
12:01 PM – 12:55 PM

मास और संवत

पक्ष
कृष्ण पक्ष
मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

आपकी कुंडली के लिए आज

पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ

श्रीनगर में इस हफ़्ते का राहु काल · श्रीनगर का चौघड़िया

पंचांग क्या है

पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के 12 अंश के अंतर से बनती है, इसलिए एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं। नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति से, और योग सूर्य-चंद्र के जोड़ से निकलता है।

पंचांग सूर्योदय पर आधारित है, इसलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है: तिथि का अंत एक ही क्षण पर होता है, पर सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।

यहाँ हर मान स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश से गणना किया गया है, अनुमान से नहीं।

आज श्रीनगर में कौन सी तिथि है?

बुधवार, 28 अप्रैल 2027 को श्रीनगर में: कृष्ण सप्तमी 12:31 PM तक, फिर कृष्ण अष्टमी 03:01 PM (अगले दिन) तक।

आज श्रीनगर में राहु काल कब है?

बुधवार, 28 अप्रैल 2027 को श्रीनगर में राहु काल 12:28 PM – 02:09 PM है। राहु काल दिन के आठ भागों में से एक है; परंपरा में इसमें नया काम शुरू नहीं किया जाता।

आज का नक्षत्र कौन सा है?

उत्तराषाढ़ा 05:30 PM तक, फिर श्रवण 08:30 PM (अगले दिन) तक।

आज श्रीनगर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय 05:45 AM, सूर्यास्त 07:12 PM।

क्या हर शहर का पंचांग एक जैसा होता है?

नहीं। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण पर बदलते हैं, पर सूर्योदय, राहु काल और शुभ मुहूर्त शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर हैं।

दूसरे शहरों का पंचांग

समय श्रीनगर के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है