नक्षत्र से शिशु का नाम अक्षर और नाम
शिशु के जन्म विवरण लिखें: जन्म नक्षत्र, चरण, नाम अक्षर और उस अक्षर के नाम, अर्थ सहित।
सभी 27 नक्षत्रों के नाम अक्षर
- अश्विनीचू, चे, चो, ला
- भरणीली, लू, ले, लो
- कृत्तिकाअ, इ, उ, ए
- रोहिणीओ, वा, वी, वू
- मृगशिरावे, वो, का, की
- आर्द्राकु, घ, ङ, छ
- पुनर्वसुके, को, हा, ही
- पुष्यहु, हे, हो, डा
- आश्लेषाडी, डू, डे, डो
- मघामा, मी, मू, मे
- पूर्वा फाल्गुनीमो, टा, टी, टू
- उत्तरा फाल्गुनीटे, टो, पा, पी
- हस्तपू, ष, ण, ठ
- चित्रापे, पो, रा, री
- स्वातीरू, रे, रो, ता
- विशाखाती, तू, ते, तो
- अनुराधाना, नी, नू, ने
- ज्येष्ठानो, या, यी, यू
- मूलये, यो, भा, भी
- पूर्वाषाढ़ाभू, धा, फा, ढा
- उत्तराषाढ़ाभे, भो, जा, जी
- श्रवणखी, खू, खे, खो
- धनिष्ठागा, गी, गू, गे
- शतभिषागो, सा, सी, सू
- पूर्वा भाद्रपदसे, सो, दा, दी
- उत्तरा भाद्रपददू, थ, झ, ञ
- रेवतीदे, दो, चा, ची
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शिशु का नाम अक्षर कैसे निकलता है?
जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र के जिस चरण में हो, अवकहड़ा चक्र में उस चरण का एक अक्षर होता है। 27 नक्षत्रों के चार-चार चरण, यानी 108 अक्षर। चंद्रमा की स्थिति स्विस एफेमेरिस से, लाहिड़ी अयनांश पर।
जन्म का सही समय न पता हो तो?
चंद्रमा लगभग छह घंटे में एक चरण पार करता है, इसलिए हम उस दिन (या अनुमानित समय के आसपास) के सभी संभव चरण और उनके अक्षर दिखाते हैं।
क्या नाम उसी अक्षर से शुरू होना ज़रूरी है?
यह परंपरा है, नियम नहीं। कई परिवार नक्षत्र के चारों अक्षरों में से कोई भी मानते हैं, और कई अपनी पसंद का नाम रखते हैं।
नामकरण कब होता है?
परंपरा से जन्म के 11वें या 12वें दिन, या उसके बाद किसी अच्छे दिन: सौम्य, क्षिप्र, चर या स्थिर नक्षत्र, सोमवार, बुधवार, गुरुवार या शुक्रवार।