भुवनेश्वर पंचांग
बुधवार, 8 अक्टूबर 2025 · Odisha
पंचांग के पाँच अंग
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा 05:53 AM तक, फिर कृष्ण द्वितीया 02:23 AM (अगले दिन) तक, फिर कृष्ण तृतीया 10:54 PM (अगले दिन) तक
- वार
- बुधवार
- नक्षत्र
- अश्विनी 10:45 PM तक, फिर भरणी 08:02 PM (अगले दिन) तक
- योग
- हर्षण 01:32 AM (अगले दिन) तक, फिर वज्र 09:32 PM (अगले दिन) तक
- करण
- कौलव 05:53 AM तक, फिर तैतिल 04:08 PM तक, फिर गर 02:23 AM (अगले दिन) तक, फिर वणिज 12:38 PM (अगले दिन) तक
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- 05:39 AM
- सूर्यास्त
- 05:28 PM
- चंद्रोदय
- 06:16 PM
- चंद्रास्त
- 06:36 AM
- चंद्र राशि
- मेष 01:23 AM (अगले दिन) तक
- सूर्य राशि
- कन्या
शुभ-अशुभ समय
- राहु काल
- 11:34 AM – 01:02 PM
- यमगण्ड
- 07:08 AM – 08:36 AM
- गुलिक काल
- 10:05 AM – 11:34 AM
- अभिजित मुहूर्त
- 11:10 AM – 11:57 AM
मास और संवत
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- मास (अमांत)
- आश्विन
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
आपकी कुंडली के लिए आज
पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ
पंचांग क्या है
पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के 12 अंश के अंतर से बनती है, इसलिए एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं। नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति से, और योग सूर्य-चंद्र के जोड़ से निकलता है।
पंचांग सूर्योदय पर आधारित है, इसलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है: तिथि का अंत एक ही क्षण पर होता है, पर सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।
यहाँ हर मान स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश से गणना किया गया है, अनुमान से नहीं।
आज भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?
बुधवार, 8 अक्टूबर 2025 को भुवनेश्वर में: कृष्ण प्रतिपदा 05:53 AM तक, फिर कृष्ण द्वितीया 02:23 AM (अगले दिन) तक, फिर कृष्ण तृतीया 10:54 PM (अगले दिन) तक।
आज भुवनेश्वर में राहु काल कब है?
बुधवार, 8 अक्टूबर 2025 को भुवनेश्वर में राहु काल 11:34 AM – 01:02 PM है। राहु काल दिन के आठ भागों में से एक है; परंपरा में इसमें नया काम शुरू नहीं किया जाता।
आज का नक्षत्र कौन सा है?
अश्विनी 10:45 PM तक, फिर भरणी 08:02 PM (अगले दिन) तक।
आज भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 05:39 AM, सूर्यास्त 05:28 PM।
क्या हर शहर का पंचांग एक जैसा होता है?
नहीं। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण पर बदलते हैं, पर सूर्योदय, राहु काल और शुभ मुहूर्त शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर हैं।
दूसरे शहरों का पंचांग
भुवनेश्वर के व्रत और त्योहारयह पंचांग अपनी वेबसाइट पर लगाएँ
समय भुवनेश्वर के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है