हरिद्वार पंचांग
शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025 · Uttarakhand
संकष्टी चतुर्थी
पंचांग के पाँच अंग
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी 07:39 PM तक, फिर कृष्ण पंचमी 04:44 PM (अगले दिन) तक
- वार
- शुक्रवार
- नक्षत्र
- कृत्तिका 05:31 PM तक, फिर रोहिणी 03:20 PM (अगले दिन) तक
- योग
- सिद्धि 05:41 PM तक, फिर व्यतीपात 02:07 PM (अगले दिन) तक
- करण
- बव 09:14 AM तक, फिर बालव 07:39 PM तक, फिर कौलव 06:08 AM (अगले दिन) तक, फिर तैतिल 04:44 PM (अगले दिन) तक
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- 06:15 AM
- सूर्यास्त
- 05:52 PM
- चंद्रोदय
- 08:05 PM
- चंद्रास्त
- 09:46 AM
- चंद्र राशि
- वृषभ 02:24 AM (अगले दिन) तक
- सूर्य राशि
- कन्या
शुभ-अशुभ समय
- राहु काल
- 10:37 AM – 12:04 PM
- यमगण्ड
- 02:58 PM – 04:25 PM
- गुलिक काल
- 07:42 AM – 09:09 AM
- अभिजित मुहूर्त
- 11:40 AM – 12:27 PM
मास और संवत
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- मास (अमांत)
- आश्विन
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
आपकी कुंडली के लिए आज
पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ
पंचांग क्या है
पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के 12 अंश के अंतर से बनती है, इसलिए एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं। नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति से, और योग सूर्य-चंद्र के जोड़ से निकलता है।
पंचांग सूर्योदय पर आधारित है, इसलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है: तिथि का अंत एक ही क्षण पर होता है, पर सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।
यहाँ हर मान स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश से गणना किया गया है, अनुमान से नहीं।
आज हरिद्वार में कौन सी तिथि है?
शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025 को हरिद्वार में: कृष्ण चतुर्थी 07:39 PM तक, फिर कृष्ण पंचमी 04:44 PM (अगले दिन) तक।
आज हरिद्वार में राहु काल कब है?
शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025 को हरिद्वार में राहु काल 10:37 AM – 12:04 PM है। राहु काल दिन के आठ भागों में से एक है; परंपरा में इसमें नया काम शुरू नहीं किया जाता।
आज का नक्षत्र कौन सा है?
कृत्तिका 05:31 PM तक, फिर रोहिणी 03:20 PM (अगले दिन) तक।
आज हरिद्वार में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 06:15 AM, सूर्यास्त 05:52 PM।
क्या हर शहर का पंचांग एक जैसा होता है?
नहीं। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण पर बदलते हैं, पर सूर्योदय, राहु काल और शुभ मुहूर्त शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर हैं।
दूसरे शहरों का पंचांग
हरिद्वार के व्रत और त्योहारयह पंचांग अपनी वेबसाइट पर लगाएँ
समय हरिद्वार के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है