जयपुर पंचांग
गुरुवार, 26 अगस्त 2027 · Rajasthan
पंचांग के पाँच अंग
- तिथि
- कृष्ण नवमी 05:39 PM तक, फिर कृष्ण दशमी 03:25 PM (अगले दिन) तक
- वार
- गुरुवार
- नक्षत्र
- रोहिणी 11:42 AM तक, फिर मृगशिरा 10:22 AM (अगले दिन) तक
- योग
- हर्षण 07:21 PM तक, फिर वज्र 04:26 PM (अगले दिन) तक
- करण
- तैतिल 06:34 AM तक, फिर गर 05:39 PM तक, फिर वणिज 04:36 AM (अगले दिन) तक, फिर विष्टि (भद्रा) 03:25 PM (अगले दिन) तक
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- 06:03 AM
- सूर्यास्त
- 06:54 PM
- चंद्रोदय
- आज नहीं
- चंद्रास्त
- 02:20 PM
- चंद्र राशि
- वृषभ 11:06 PM तक, फिर मिथुन 12:53 AM (अगले दिन) तक
- सूर्य राशि
- सिंह
शुभ-अशुभ समय
- राहु काल
- 02:04 PM – 03:41 PM
- यमगण्ड
- 06:03 AM – 07:39 AM
- गुलिक काल
- 09:15 AM – 10:52 AM
- अभिजित मुहूर्त
- 12:02 PM – 12:54 PM
मास और संवत
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- मास (अमांत)
- श्रावण
- मास (पूर्णिमांत)
- भाद्रपद
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
आपकी कुंडली के लिए आज
पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ
पंचांग क्या है
पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के 12 अंश के अंतर से बनती है, इसलिए एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं। नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति से, और योग सूर्य-चंद्र के जोड़ से निकलता है।
पंचांग सूर्योदय पर आधारित है, इसलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है: तिथि का अंत एक ही क्षण पर होता है, पर सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।
यहाँ हर मान स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश से गणना किया गया है, अनुमान से नहीं।
आज जयपुर में कौन सी तिथि है?
गुरुवार, 26 अगस्त 2027 को जयपुर में: कृष्ण नवमी 05:39 PM तक, फिर कृष्ण दशमी 03:25 PM (अगले दिन) तक।
आज जयपुर में राहु काल कब है?
गुरुवार, 26 अगस्त 2027 को जयपुर में राहु काल 02:04 PM – 03:41 PM है। राहु काल दिन के आठ भागों में से एक है; परंपरा में इसमें नया काम शुरू नहीं किया जाता।
आज का नक्षत्र कौन सा है?
रोहिणी 11:42 AM तक, फिर मृगशिरा 10:22 AM (अगले दिन) तक।
आज जयपुर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 06:03 AM, सूर्यास्त 06:54 PM।
क्या हर शहर का पंचांग एक जैसा होता है?
नहीं। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण पर बदलते हैं, पर सूर्योदय, राहु काल और शुभ मुहूर्त शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर हैं।
दूसरे शहरों का पंचांग
जयपुर के व्रत और त्योहारयह पंचांग अपनी वेबसाइट पर लगाएँ
समय जयपुर के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है