पंचांग

जयपुर पंचांग

शनिवार, 11 सितंबर 2027 · Rajasthan

एकादशी (व्रत)

पंचांग के पाँच अंग

तिथि
शुक्ल एकादशी 07:36 PM तक, फिर शुक्ल द्वादशी 10:13 PM (अगले दिन) तक
वार
शनिवार
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 02:58 AM (अगले दिन) तक, फिर श्रवण 06:05 AM (अगले दिन) तक
योग
शोभन 06:43 AM (अगले दिन) तक
करण
वणिज 06:17 AM तक, फिर विष्टि (भद्रा) 07:36 PM तक, फिर बव 08:55 AM (अगले दिन) तक

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
06:10 AM
सूर्यास्त
06:36 PM
चंद्रोदय
03:57 PM
चंद्रास्त
01:53 AM
चंद्र राशि
धनु 06:37 AM तक, फिर मकर 07:34 PM (अगले दिन) तक
सूर्य राशि
सिंह

शुभ-अशुभ समय

राहु काल
09:16 AM – 10:50 AM
यमगण्ड
01:56 PM – 03:30 PM
गुलिक काल
06:10 AM – 07:43 AM
अभिजित मुहूर्त
11:58 AM – 12:48 PM

मास और संवत

पक्ष
शुक्ल पक्ष
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

आपकी कुंडली के लिए आज

पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ

जयपुर में इस हफ़्ते का राहु काल · जयपुर का चौघड़िया

पंचांग क्या है

पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के 12 अंश के अंतर से बनती है, इसलिए एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं। नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति से, और योग सूर्य-चंद्र के जोड़ से निकलता है।

पंचांग सूर्योदय पर आधारित है, इसलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है: तिथि का अंत एक ही क्षण पर होता है, पर सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।

यहाँ हर मान स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश से गणना किया गया है, अनुमान से नहीं।

आज जयपुर में कौन सी तिथि है?

शनिवार, 11 सितंबर 2027 को जयपुर में: शुक्ल एकादशी 07:36 PM तक, फिर शुक्ल द्वादशी 10:13 PM (अगले दिन) तक।

आज जयपुर में राहु काल कब है?

शनिवार, 11 सितंबर 2027 को जयपुर में राहु काल 09:16 AM – 10:50 AM है। राहु काल दिन के आठ भागों में से एक है; परंपरा में इसमें नया काम शुरू नहीं किया जाता।

आज का नक्षत्र कौन सा है?

उत्तराषाढ़ा 02:58 AM (अगले दिन) तक, फिर श्रवण 06:05 AM (अगले दिन) तक।

आज जयपुर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय 06:10 AM, सूर्यास्त 06:36 PM।

क्या हर शहर का पंचांग एक जैसा होता है?

नहीं। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण पर बदलते हैं, पर सूर्योदय, राहु काल और शुभ मुहूर्त शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर हैं।

दूसरे शहरों का पंचांग

जयपुर के व्रत और त्योहारयह पंचांग अपनी वेबसाइट पर लगाएँ

समय जयपुर के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है