पंचांग

जयपुर पंचांग

मंगलवार, 28 सितंबर 2027 · Rajasthan

पंचांग के पाँच अंग

तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 01:55 PM तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी 10:55 AM (अगले दिन) तक
वार
मंगलवार
नक्षत्र
मघा 08:20 AM तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी 06:06 AM (अगले दिन) तक, फिर उत्तरा फाल्गुनी 04:00 AM (अगले दिन) तक
योग
साध्य 07:32 AM तक, फिर शुभ 03:56 AM (अगले दिन) तक, फिर शुक्ल 12:26 AM (अगले दिन) तक
करण
वणिज 01:55 PM तक, फिर विष्टि (भद्रा) 12:24 AM (अगले दिन) तक, फिर शकुनि 10:55 AM (अगले दिन) तक

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
06:17 AM
सूर्यास्त
06:17 PM
चंद्रोदय
04:09 AM
चंद्रास्त
04:59 PM
चंद्र राशि
सिंह 11:34 AM (अगले दिन) तक
सूर्य राशि
कन्या

शुभ-अशुभ समय

राहु काल
03:17 PM – 04:47 PM
यमगण्ड
09:17 AM – 10:47 AM
गुलिक काल
12:17 PM – 01:47 PM
अभिजित मुहूर्त
11:53 AM – 12:41 PM

मास और संवत

पक्ष
कृष्ण पक्ष
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

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जयपुर में इस हफ़्ते का राहु काल · जयपुर का चौघड़िया

पंचांग क्या है

पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के 12 अंश के अंतर से बनती है, इसलिए एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं। नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति से, और योग सूर्य-चंद्र के जोड़ से निकलता है।

पंचांग सूर्योदय पर आधारित है, इसलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है: तिथि का अंत एक ही क्षण पर होता है, पर सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।

यहाँ हर मान स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश से गणना किया गया है, अनुमान से नहीं।

आज जयपुर में कौन सी तिथि है?

मंगलवार, 28 सितंबर 2027 को जयपुर में: कृष्ण त्रयोदशी 01:55 PM तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी 10:55 AM (अगले दिन) तक।

आज जयपुर में राहु काल कब है?

मंगलवार, 28 सितंबर 2027 को जयपुर में राहु काल 03:17 PM – 04:47 PM है। राहु काल दिन के आठ भागों में से एक है; परंपरा में इसमें नया काम शुरू नहीं किया जाता।

आज का नक्षत्र कौन सा है?

मघा 08:20 AM तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी 06:06 AM (अगले दिन) तक, फिर उत्तरा फाल्गुनी 04:00 AM (अगले दिन) तक।

आज जयपुर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय 06:17 AM, सूर्यास्त 06:17 PM।

क्या हर शहर का पंचांग एक जैसा होता है?

नहीं। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण पर बदलते हैं, पर सूर्योदय, राहु काल और शुभ मुहूर्त शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर हैं।

दूसरे शहरों का पंचांग

जयपुर के व्रत और त्योहारयह पंचांग अपनी वेबसाइट पर लगाएँ

समय जयपुर के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है