पंचांग

कोलकाता पंचांग

शनिवार, 25 सितंबर 2027 · West Bengal

पंचांग के पाँच अंग

तिथि
कृष्ण दशमी 10:31 PM तक, फिर कृष्ण एकादशी 07:49 PM (अगले दिन) तक
वार
शनिवार
नक्षत्र
पुनर्वसु 02:27 PM तक, फिर पुष्य 12:38 PM (अगले दिन) तक
योग
परिघ 05:51 PM तक, फिर शिव 02:35 PM (अगले दिन) तक
करण
वणिज 11:45 AM तक, फिर विष्टि (भद्रा) 10:31 PM तक, फिर बव 09:12 AM (अगले दिन) तक

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
05:25 AM
सूर्यास्त
05:30 PM
चंद्रोदय
12:04 AM
चंद्रास्त
01:56 PM
चंद्र राशि
मिथुन 08:52 AM तक, फिर कर्क 10:33 AM (अगले दिन) तक
सूर्य राशि
कन्या

शुभ-अशुभ समय

राहु काल
08:27 AM – 09:57 AM
यमगण्ड
12:58 PM – 02:29 PM
गुलिक काल
05:25 AM – 06:56 AM
अभिजित मुहूर्त
11:04 AM – 11:52 AM

मास और संवत

पक्ष
कृष्ण पक्ष
मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

आपकी कुंडली के लिए आज

पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ

कोलकाता में इस हफ़्ते का राहु काल · कोलकाता का चौघड़िया

पंचांग क्या है

पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के 12 अंश के अंतर से बनती है, इसलिए एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं। नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति से, और योग सूर्य-चंद्र के जोड़ से निकलता है।

पंचांग सूर्योदय पर आधारित है, इसलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है: तिथि का अंत एक ही क्षण पर होता है, पर सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।

यहाँ हर मान स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश से गणना किया गया है, अनुमान से नहीं।

आज कोलकाता में कौन सी तिथि है?

शनिवार, 25 सितंबर 2027 को कोलकाता में: कृष्ण दशमी 10:31 PM तक, फिर कृष्ण एकादशी 07:49 PM (अगले दिन) तक।

आज कोलकाता में राहु काल कब है?

शनिवार, 25 सितंबर 2027 को कोलकाता में राहु काल 08:27 AM – 09:57 AM है। राहु काल दिन के आठ भागों में से एक है; परंपरा में इसमें नया काम शुरू नहीं किया जाता।

आज का नक्षत्र कौन सा है?

पुनर्वसु 02:27 PM तक, फिर पुष्य 12:38 PM (अगले दिन) तक।

आज कोलकाता में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय 05:25 AM, सूर्यास्त 05:30 PM।

क्या हर शहर का पंचांग एक जैसा होता है?

नहीं। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण पर बदलते हैं, पर सूर्योदय, राहु काल और शुभ मुहूर्त शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर हैं।

दूसरे शहरों का पंचांग

कोलकाता के व्रत और त्योहारयह पंचांग अपनी वेबसाइट पर लगाएँ

समय कोलकाता के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है