लखनऊ पंचांग
रविवार, 15 अगस्त 2027 · Uttar Pradesh
पंचांग के पाँच अंग
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी 07:54 AM तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी 10:29 AM (अगले दिन) तक
- वार
- रविवार
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा 08:28 PM तक, फिर श्रवण 11:34 PM (अगले दिन) तक
- योग
- आयुष्मान 11:37 PM तक, फिर सौभाग्य 12:40 AM (अगले दिन) तक
- करण
- तैतिल 07:54 AM तक, फिर गर 09:12 PM तक, फिर वणिज 10:29 AM (अगले दिन) तक
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- 05:37 AM
- सूर्यास्त
- 06:43 PM
- चंद्रोदय
- 05:36 PM
- चंद्रास्त
- 03:38 AM
- चंद्र राशि
- मकर 01:04 PM (अगले दिन) तक
- सूर्य राशि
- कर्क
शुभ-अशुभ समय
- राहु काल
- 05:05 PM – 06:43 PM
- यमगण्ड
- 12:10 PM – 01:48 PM
- गुलिक काल
- 03:27 PM – 05:05 PM
- अभिजित मुहूर्त
- 11:44 AM – 12:36 PM
मास और संवत
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- मास (अमांत)
- श्रावण
- मास (पूर्णिमांत)
- श्रावण
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
आपकी कुंडली के लिए आज
पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ
पंचांग क्या है
पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के 12 अंश के अंतर से बनती है, इसलिए एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं। नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति से, और योग सूर्य-चंद्र के जोड़ से निकलता है।
पंचांग सूर्योदय पर आधारित है, इसलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है: तिथि का अंत एक ही क्षण पर होता है, पर सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।
यहाँ हर मान स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश से गणना किया गया है, अनुमान से नहीं।
आज लखनऊ में कौन सी तिथि है?
रविवार, 15 अगस्त 2027 को लखनऊ में: शुक्ल त्रयोदशी 07:54 AM तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी 10:29 AM (अगले दिन) तक।
आज लखनऊ में राहु काल कब है?
रविवार, 15 अगस्त 2027 को लखनऊ में राहु काल 05:05 PM – 06:43 PM है। राहु काल दिन के आठ भागों में से एक है; परंपरा में इसमें नया काम शुरू नहीं किया जाता।
आज का नक्षत्र कौन सा है?
उत्तराषाढ़ा 08:28 PM तक, फिर श्रवण 11:34 PM (अगले दिन) तक।
आज लखनऊ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 05:37 AM, सूर्यास्त 06:43 PM।
क्या हर शहर का पंचांग एक जैसा होता है?
नहीं। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण पर बदलते हैं, पर सूर्योदय, राहु काल और शुभ मुहूर्त शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर हैं।
दूसरे शहरों का पंचांग
लखनऊ के व्रत और त्योहारयह पंचांग अपनी वेबसाइट पर लगाएँ
समय लखनऊ के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है