पटना पंचांग
शुक्रवार, 19 नवंबर 2027 · Bihar
पंचांग के पाँच अंग
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी 09:20 PM तक, फिर कृष्ण सप्तमी 07:17 PM (अगले दिन) तक
- वार
- शुक्रवार
- नक्षत्र
- पुष्य 12:27 AM (अगले दिन) तक, फिर आश्लेषा 11:07 PM (अगले दिन) तक
- योग
- शुक्ल 01:03 AM (अगले दिन) तक, फिर ब्रह्म 10:12 PM (अगले दिन) तक
- करण
- गर 10:23 AM तक, फिर वणिज 09:20 PM तक, फिर विष्टि (भद्रा) 08:18 AM (अगले दिन) तक
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- 06:09 AM
- सूर्यास्त
- 04:59 PM
- चंद्रोदय
- 10:08 PM
- चंद्रास्त
- 10:57 AM
- चंद्र राशि
- कर्क 11:07 PM (अगले दिन) तक
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
शुभ-अशुभ समय
- राहु काल
- 10:13 AM – 11:34 AM
- यमगण्ड
- 02:17 PM – 03:38 PM
- गुलिक काल
- 07:30 AM – 08:51 AM
- अभिजित मुहूर्त
- 11:12 AM – 11:56 AM
मास और संवत
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
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पंचांग क्या है
पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के 12 अंश के अंतर से बनती है, इसलिए एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं। नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति से, और योग सूर्य-चंद्र के जोड़ से निकलता है।
पंचांग सूर्योदय पर आधारित है, इसलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है: तिथि का अंत एक ही क्षण पर होता है, पर सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।
यहाँ हर मान स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश से गणना किया गया है, अनुमान से नहीं।
आज पटना में कौन सी तिथि है?
शुक्रवार, 19 नवंबर 2027 को पटना में: कृष्ण षष्ठी 09:20 PM तक, फिर कृष्ण सप्तमी 07:17 PM (अगले दिन) तक।
आज पटना में राहु काल कब है?
शुक्रवार, 19 नवंबर 2027 को पटना में राहु काल 10:13 AM – 11:34 AM है। राहु काल दिन के आठ भागों में से एक है; परंपरा में इसमें नया काम शुरू नहीं किया जाता।
आज का नक्षत्र कौन सा है?
पुष्य 12:27 AM (अगले दिन) तक, फिर आश्लेषा 11:07 PM (अगले दिन) तक।
आज पटना में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 06:09 AM, सूर्यास्त 04:59 PM।
क्या हर शहर का पंचांग एक जैसा होता है?
नहीं। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण पर बदलते हैं, पर सूर्योदय, राहु काल और शुभ मुहूर्त शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर हैं।
दूसरे शहरों का पंचांग
पटना के व्रत और त्योहारयह पंचांग अपनी वेबसाइट पर लगाएँ
समय पटना के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है