रांची पंचांग
मंगलवार, 28 अक्टूबर 2025 · Jharkhand
पंचांग के पाँच अंग
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी 08:00 AM तक, फिर शुक्ल सप्तमी 09:23 AM (अगले दिन) तक
- वार
- मंगलवार
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा 03:45 PM तक, फिर उत्तराषाढ़ा 05:29 PM (अगले दिन) तक
- योग
- सुकर्मा 07:50 AM तक, फिर धृति 07:50 AM (अगले दिन) तक
- करण
- तैतिल 08:00 AM तक, फिर गर 08:46 PM तक, फिर वणिज 09:23 AM (अगले दिन) तक
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- 05:51 AM
- सूर्यास्त
- 05:13 PM
- चंद्रोदय
- 11:35 AM
- चंद्रास्त
- 10:20 PM
- चंद्र राशि
- धनु 10:14 PM तक, फिर मकर 06:48 AM (अगले दिन) तक
- सूर्य राशि
- तुला
शुभ-अशुभ समय
- राहु काल
- 02:22 PM – 03:47 PM
- यमगण्ड
- 08:42 AM – 10:07 AM
- गुलिक काल
- 11:32 AM – 12:57 PM
- अभिजित मुहूर्त
- 11:09 AM – 11:55 AM
मास और संवत
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
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पंचांग क्या है
पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के 12 अंश के अंतर से बनती है, इसलिए एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं। नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति से, और योग सूर्य-चंद्र के जोड़ से निकलता है।
पंचांग सूर्योदय पर आधारित है, इसलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है: तिथि का अंत एक ही क्षण पर होता है, पर सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।
यहाँ हर मान स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश से गणना किया गया है, अनुमान से नहीं।
आज रांची में कौन सी तिथि है?
मंगलवार, 28 अक्टूबर 2025 को रांची में: शुक्ल षष्ठी 08:00 AM तक, फिर शुक्ल सप्तमी 09:23 AM (अगले दिन) तक।
आज रांची में राहु काल कब है?
मंगलवार, 28 अक्टूबर 2025 को रांची में राहु काल 02:22 PM – 03:47 PM है। राहु काल दिन के आठ भागों में से एक है; परंपरा में इसमें नया काम शुरू नहीं किया जाता।
आज का नक्षत्र कौन सा है?
पूर्वाषाढ़ा 03:45 PM तक, फिर उत्तराषाढ़ा 05:29 PM (अगले दिन) तक।
आज रांची में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 05:51 AM, सूर्यास्त 05:13 PM।
क्या हर शहर का पंचांग एक जैसा होता है?
नहीं। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण पर बदलते हैं, पर सूर्योदय, राहु काल और शुभ मुहूर्त शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर हैं।
दूसरे शहरों का पंचांग
रांची के व्रत और त्योहारयह पंचांग अपनी वेबसाइट पर लगाएँ
समय रांची के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है