पंचांग

उज्जैन पंचांग

बुधवार, 1 दिसंबर 2027 · Madhya Pradesh

पंचांग के पाँच अंग

तिथि
शुक्ल तृतीया 11:39 AM तक, फिर शुक्ल चतुर्थी 01:44 PM (अगले दिन) तक
वार
बुधवार
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 11:45 PM तक, फिर उत्तराषाढ़ा 02:30 AM (अगले दिन) तक
योग
गण्ड 02:41 AM (अगले दिन) तक, फिर वृद्धि 03:22 AM (अगले दिन) तक
करण
गर 11:39 AM तक, फिर वणिज 12:38 AM (अगले दिन) तक, फिर विष्टि (भद्रा) 01:44 PM (अगले दिन) तक

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
06:50 AM
सूर्यास्त
05:40 PM
चंद्रोदय
09:33 AM
चंद्रास्त
08:27 PM
चंद्र राशि
धनु 06:24 AM (अगले दिन) तक, फिर मकर 07:07 PM (अगले दिन) तक
सूर्य राशि
वृश्चिक

शुभ-अशुभ समय

राहु काल
12:15 PM – 01:36 PM
यमगण्ड
08:11 AM – 09:33 AM
गुलिक काल
10:54 AM – 12:15 PM
अभिजित मुहूर्त
11:53 AM – 12:37 PM

मास और संवत

पक्ष
शुक्ल पक्ष
मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

आपकी कुंडली के लिए आज

पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ

उज्जैन में इस हफ़्ते का राहु काल · उज्जैन का चौघड़िया

पंचांग क्या है

पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के 12 अंश के अंतर से बनती है, इसलिए एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं। नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति से, और योग सूर्य-चंद्र के जोड़ से निकलता है।

पंचांग सूर्योदय पर आधारित है, इसलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है: तिथि का अंत एक ही क्षण पर होता है, पर सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।

यहाँ हर मान स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश से गणना किया गया है, अनुमान से नहीं।

आज उज्जैन में कौन सी तिथि है?

बुधवार, 1 दिसंबर 2027 को उज्जैन में: शुक्ल तृतीया 11:39 AM तक, फिर शुक्ल चतुर्थी 01:44 PM (अगले दिन) तक।

आज उज्जैन में राहु काल कब है?

बुधवार, 1 दिसंबर 2027 को उज्जैन में राहु काल 12:15 PM – 01:36 PM है। राहु काल दिन के आठ भागों में से एक है; परंपरा में इसमें नया काम शुरू नहीं किया जाता।

आज का नक्षत्र कौन सा है?

पूर्वाषाढ़ा 11:45 PM तक, फिर उत्तराषाढ़ा 02:30 AM (अगले दिन) तक।

आज उज्जैन में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय 06:50 AM, सूर्यास्त 05:40 PM।

क्या हर शहर का पंचांग एक जैसा होता है?

नहीं। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण पर बदलते हैं, पर सूर्योदय, राहु काल और शुभ मुहूर्त शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर हैं।

दूसरे शहरों का पंचांग

उज्जैन के व्रत और त्योहारयह पंचांग अपनी वेबसाइट पर लगाएँ

समय उज्जैन के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है