पंचांग

विशाखापत्तनम पंचांग

मंगलवार, 24 अगस्त 2027 · Andhra Pradesh

पंचांग के पाँच अंग

तिथि
कृष्ण सप्तमी 08:25 PM तक, फिर कृष्ण अष्टमी 07:20 PM (अगले दिन) तक
वार
मंगलवार
नक्षत्र
भरणी 12:37 PM तक, फिर कृत्तिका 12:28 PM (अगले दिन) तक
योग
ध्रुव 11:48 PM तक, फिर व्याघात 09:49 PM (अगले दिन) तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:43 AM तक, फिर बव 08:25 PM तक, फिर बालव 07:57 AM (अगले दिन) तक

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
05:41 AM
सूर्यास्त
06:17 PM
चंद्रोदय
10:45 PM
चंद्रास्त
11:23 AM
चंद्र राशि
मेष 06:38 PM तक, फिर वृषभ 11:06 PM (अगले दिन) तक
सूर्य राशि
सिंह

शुभ-अशुभ समय

राहु काल
03:08 PM – 04:43 PM
यमगण्ड
08:50 AM – 10:24 AM
गुलिक काल
11:59 AM – 01:34 PM
अभिजित मुहूर्त
11:34 AM – 12:24 PM

मास और संवत

पक्ष
कृष्ण पक्ष
मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

आपकी कुंडली के लिए आज

पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ

विशाखापत्तनम में इस हफ़्ते का राहु काल · विशाखापत्तनम का चौघड़िया

पंचांग क्या है

पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के 12 अंश के अंतर से बनती है, इसलिए एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं। नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति से, और योग सूर्य-चंद्र के जोड़ से निकलता है।

पंचांग सूर्योदय पर आधारित है, इसलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है: तिथि का अंत एक ही क्षण पर होता है, पर सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।

यहाँ हर मान स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश से गणना किया गया है, अनुमान से नहीं।

आज विशाखापत्तनम में कौन सी तिथि है?

मंगलवार, 24 अगस्त 2027 को विशाखापत्तनम में: कृष्ण सप्तमी 08:25 PM तक, फिर कृष्ण अष्टमी 07:20 PM (अगले दिन) तक।

आज विशाखापत्तनम में राहु काल कब है?

मंगलवार, 24 अगस्त 2027 को विशाखापत्तनम में राहु काल 03:08 PM – 04:43 PM है। राहु काल दिन के आठ भागों में से एक है; परंपरा में इसमें नया काम शुरू नहीं किया जाता।

आज का नक्षत्र कौन सा है?

भरणी 12:37 PM तक, फिर कृत्तिका 12:28 PM (अगले दिन) तक।

आज विशाखापत्तनम में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय 05:41 AM, सूर्यास्त 06:17 PM।

क्या हर शहर का पंचांग एक जैसा होता है?

नहीं। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण पर बदलते हैं, पर सूर्योदय, राहु काल और शुभ मुहूर्त शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर हैं।

दूसरे शहरों का पंचांग

विशाखापत्तनम के व्रत और त्योहारयह पंचांग अपनी वेबसाइट पर लगाएँ

समय विशाखापत्तनम के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है