वार्षिक राशिफल 2027

2027 हर चंद्र राशि के लिए

गुरु, शनि और राहु-केतु पूरे वर्ष कहाँ रहते हैं, साढ़े साती किस पर है, और कौन से महीने सबसे अच्छे पढ़ते हैं। वैदिक राशिफल चंद्र राशि से पढ़ा जाता है। अपनी राशि नहीं पता? मुफ़्त कुंडली में देखें.

मेषमिला-जुलाअच्छी सलाह का वर्षसबसे अच्छे महीने: जनवरी, जुलाई, अगस्तसाढ़े साती चल रही हैवृषभमिला-जुलाघर का ध्यान रखने का वर्षसबसे अच्छे महीने: फ़रवरी, मार्च, दिसंबरसाढ़े साती चल रही हैमिथुनमिला-जुलालगातार प्रयास का वर्षसबसे अच्छे महीने: अप्रैल, मई, जूनकर्कमिला-जुलाधन और परिवार का वर्षसबसे अच्छे महीने: जुलाई, अगस्त, अक्टूबरसिंहसावधानीस्वयं को स्थिर रखने का वर्षसबसे अच्छे महीने: जनवरी, जुलाई, सितंबरकन्यामिला-जुलाख़र्च और आराम का वर्षसबसे अच्छे महीने: फ़रवरी, मार्च, अप्रैलतुलाअनुकूललाभ का वर्षसबसे अच्छे महीने: जनवरी, मार्च, नवंबरवृश्चिकमिला-जुलाकाम में बदलाव का वर्षसबसे अच्छे महीने: जुलाई, अगस्त, सितंबरधनुमिला-जुलाभाग्य और आस्था का वर्षसबसे अच्छे महीने: सितंबर, अक्टूबर, नवंबरमकरमिला-जुलासावधानी से चलने का वर्षसबसे अच्छे महीने: मार्च, नवंबर, दिसंबरकुंभमिला-जुलासाझेदारी का वर्षसबसे अच्छे महीने: जुलाई, अगस्त, सितंबरसाढ़े साती चल रही हैमीनसावधानीस्वास्थ्य और विरोधियों को सँभालने का वर्षसबसे अच्छे महीने: जनवरी, मई, जूनसाढ़े साती चल रही है

2027 के बारे में प्रश्न

2027 में किन राशियों पर साढ़े साती है?

मेष: पहला चरण (शनि बारहवें भाव में) 3 जून तक और 20 अक्टूबर से; दूसरा चरण (शनि आपकी राशि पर) 3 जून से 20 अक्टूबर तक। वृषभ: पहला चरण (शनि बारहवें भाव में) 3 जून से 20 अक्टूबर तक। कुंभ: अंतिम चरण (शनि दूसरे भाव में) 3 जून तक और 20 अक्टूबर से। मीन: दूसरा चरण (शनि आपकी राशि पर) 3 जून तक और 20 अक्टूबर से; अंतिम चरण (शनि दूसरे भाव में) 3 जून से 20 अक्टूबर तक।

2027 में शनि, गुरु और राहु कब राशि बदलते हैं?

25 जनवरी को गुरु कर्क में (वक्री), 3 जून को शनि मेष में, 26 जून को गुरु सिंह में, 20 अक्टूबर को शनि मीन में (वक्री) और 26 नवंबर को गुरु कन्या में।

यह राशिफल कैसे बनता है?

हर ग्रह की स्थिति स्विस एफेमेरिस से (लाहिरी अयनांश), और उसका अर्थ फलदीपिका अध्याय 26 के गोचर नियमों से, चंद्र राशि से गिनकर। कोई वाक्य AI का अनुमान नहीं है।

आज का राशिफल2027 के गोचर (अंग्रेज़ी)बुध वक्री 2027 (अंग्रेज़ी)

गोचर नियम: फलदीपिका अध्याय 26 (वेध नियम लागू नहीं)। ग्रह स्थिति स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश से, भारतीय समय में। महीने का आकलन हर महीने की 15 तारीख़ की स्थिति से। हम कैसे गणना करते हैं