वार्षिक राशिफल 2026

कन्या राशिफल 2026

काम में बदलाव का वर्ष

मिला-जुला

कन्या चंद्र राशि के लिए 2026: गुरु 2 जून तक दसवें भाव में, 2 जून से 31 अक्टूबर तक ग्यारहवें भाव में और 31 अक्टूबर से बारहवें भाव में रहता है, और शनि पूरे वर्ष सातवें भाव में रहता है। मिला-जुला वर्ष: कुछ क्षेत्र आसानी से चलते हैं, कुछ में धैर्य चाहिए। सबसे अच्छे महीने: जुलाई, अगस्त और अक्टूबर।

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सबसे अच्छे महीने

अधिक सावधानी: मई, दिसंबर

महीने दर महीने

  1. जनवरी 2026

    सामान्य

    14 जनवरी से सूर्य पाँचवें भाव में: संतान और बड़े जोखिमों में संभलकर चलें। 13 जनवरी को शुक्र पाँचवें भाव में: सुखद समय। 16 जनवरी को मंगल पाँचवें भाव में: संतान और पढ़ाई में शांत रहें।

  2. फ़रवरी 2026

    सामान्य

    13 फ़रवरी से सूर्य छठे भाव में: कर्ज़, विरोधी और दिनचर्या सुधारने के लिए अच्छा। 23 फ़रवरी को मंगल छठे भाव में: मेहनत को बल मिलता है। 26 फ़रवरी से 21 मार्च तक बुध छठे भाव में वक्री: कागज़ और योजनाएँ दोबारा जाँचें।

  3. मार्च 2026

    सामान्य

    15 मार्च से सूर्य सातवें भाव में: साझेदारी और यात्रा में सावधानी। 2 मार्च को शुक्र सातवें भाव में: साझेदारी और विवाह में संभलकर। 11 मार्च को गुरु मार्गी होता है।

  4. अप्रैल 2026

    सामान्य

    14 अप्रैल से सूर्य आठवें भाव में: शांत समय, आराम करें और जोखिम से बचें। 2 अप्रैल को मंगल सातवें भाव में: साझेदारी और विवाह में शांत रहें। 19 अप्रैल को शुक्र नौवें भाव में: सुखद समय।

  5. मई 2026

    सावधानी

    15 मई से सूर्य नौवें भाव में: बड़ों के साथ धैर्य रखें; भाग्य धीरे चलता है। 11 मई को मंगल आठवें भाव में: अचानक बदलाव में शांत रहें। 14 मई को शुक्र दसवें भाव में: करियर और प्रतिष्ठा में संभलकर।

  6. जून 2026

    सामान्य

    15 जून से सूर्य दसवें भाव में: काम और पहचान आगे आती है। 2 जून को गुरु ग्यारहवें भाव में प्रवेश करता है, जो सहायक गोचर है। 29 जून से 24 जुलाई तक बुध ग्यारहवें भाव में वक्री: कागज़ और योजनाएँ दोबारा जाँचें।

  7. जुलाई 2026

    सबसे अच्छा

    16 जुलाई से सूर्य ग्यारहवें भाव में: लाभ और अच्छी ख़बर। 4 जुलाई को शुक्र बारहवें भाव में: सुखद समय। 27 जुलाई को शनि सातवें भाव में वक्री होता है।

  8. अगस्त 2026

    सबसे अच्छा

    17 अगस्त से सूर्य बारहवें भाव में: ख़र्च और थकान बढ़ती है, इसलिए अधिक आराम करें। 1 अगस्त को शुक्र पहले भाव में: सुखद समय। 2 अगस्त को मंगल दसवें भाव में: करियर और प्रतिष्ठा में शांत रहें।

  9. सितंबर 2026

    सामान्य

    17 सितंबर से सूर्य पहले भाव में: आप केंद्र में हैं, ऊर्जा और ग़ुस्से का ध्यान रखें। 2 सितंबर को शुक्र दूसरे भाव में: सुखद समय। 18 सितंबर को मंगल ग्यारहवें भाव में: मेहनत को बल मिलता है।

  10. अक्टूबर 2026

    सबसे अच्छा

    17 अक्टूबर से सूर्य दूसरे भाव में: घर में ख़र्च और बातों में संयम रखें। 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक बुध दूसरे भाव में वक्री: कागज़ और योजनाएँ दोबारा जाँचें। 31 अक्टूबर को गुरु बारहवें भाव में प्रवेश करता है, जो धैर्य माँगता है।

  11. नवंबर 2026

    सामान्य

    16 नवंबर से सूर्य तीसरे भाव में: मेहनत और साहस का फल मिलता है। 6 नवंबर को शुक्र पहले भाव में: सुखद समय। 12 नवंबर को मंगल बारहवें भाव में: खर्च और आराम में शांत रहें।

  12. दिसंबर 2026

    सावधानी

    16 दिसंबर से सूर्य चौथे भाव में: घर के मामलों में धैर्य चाहिए। 5 दिसंबर को राहु-केतु राशि बदलते हैं: राहु पाँचवें भाव में, केतु ग्यारहवें भाव में। 11 दिसंबर को शनि मार्गी होता है।

2026 के बड़े गोचर

गुरु

  • 2 जून तक · गुरु आपकी राशि से दसवें भाव में है: शास्त्र पद में बदलाव और काम के बढ़ते बोझ से सावधान करते हैं। काम अच्छे से करके अपनी साख बनाए रखें; वरिष्ठों से विवाद न करें।
  • 2 जून से 31 अक्टूबर तक · गुरु आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में है, जो उसके सबसे अच्छे गोचरों में है: लाभ, आय, मददगार मित्र और इच्छाओं की पूर्ति।
  • 31 अक्टूबर से · गुरु आपकी राशि से बारहवें भाव में है: ख़र्च बढ़ते हैं, अक्सर यात्रा और परिवार जैसी अच्छी चीज़ों पर, और शास्त्र धन और नींद में सावधानी बरतने को कहते हैं।

शनि

  • पूरे वर्ष · शनि आपकी राशि से सातवें भाव में है: साझेदारी और यात्रा में धैर्य चाहिए, और जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

राहु और केतु

  • 5 दिसंबर तक · राहु आपकी राशि से छठे भाव में है, जो अच्छा गोचर है: विरोधियों और रोग पर जीत। बारहवें भाव में केतु एकांत और अच्छे कामों पर ख़र्च देता है।
  • 5 दिसंबर से · राहु पाँचवें और केतु ग्यारहवें भाव में: संतान, पढ़ाई और सट्टे में सावधानी; लाभ चुपचाप आते हैं।

जीवन के क्षेत्र

करियर और काम

सावधानी

गुरु 2 जून तक दसवें भाव में है, जिसे शास्त्र अस्थिर मानते हैं।

धन और लाभ

अनुकूल

गुरु 2 जून से 31 अक्टूबर तक ग्यारहवें भाव में है, जो सहायक गोचर है; केतु 5 दिसंबर से ग्यारहवें भाव में रहकर इससे मन हटाता है; गुरु की दृष्टि 2 जून तक इस पर है, जो इसकी रक्षा करती है।

प्रेम और विवाह

सावधानी

शनि पूरे वर्ष सातवें भाव में है: धीमा और मेहनत वाला समय; गुरु की दृष्टि 2 जून से 31 अक्टूबर तक इस पर है, जो इसकी रक्षा करती है।

स्वास्थ्य

अनुकूल

राहु 5 दिसंबर तक छठे भाव में इसे हिलाता है: महत्वाकांक्षा का फल मिलता है; गुरु की दृष्टि 2 जून तक और 31 अक्टूबर से इस पर है, जो इसकी रक्षा करती है; शनि की दृष्टि पूरे वर्ष धैर्य माँगती है।

घर और परिवार

मिला-जुला

गुरु की दृष्टि 2 जून तक और 31 अक्टूबर से इस पर है, जो इसकी रक्षा करती है; शनि की दृष्टि पूरे वर्ष धैर्य माँगती है।

पढ़ाई और संतान

सावधानी

राहु 5 दिसंबर से पाँचवें भाव में इसे हिलाता है: बेचैनी पर नज़र रखें; गुरु की दृष्टि 2 जून से 31 अक्टूबर तक इस पर है, जो इसकी रक्षा करती है; शनि की दृष्टि पूरे वर्ष धैर्य माँगती है।

आपके लिए वक्री ग्रह

  • बुध 26 फ़रवरी से 21 मार्च तक छठे भाव में वक्री: काम और स्वास्थ्य से जुड़े संदेश, कागज़ और योजनाएँ दोबारा जाँचें।
  • बुध 29 जून से 24 जुलाई तक ग्यारहवें भाव से दसवें भाव में वक्री: लाभ और मित्र से जुड़े संदेश, कागज़ और योजनाएँ दोबारा जाँचें।
  • बुध 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक दूसरे भाव में वक्री: धन और परिवार से जुड़े संदेश, कागज़ और योजनाएँ दोबारा जाँचें।
  • गुरु 11 मार्च तक ग्यारहवें भाव से दसवें भाव (लाभ और मित्र) में वक्री: इस क्षेत्र के मामले धीमे होते हैं और फिर से सामने आते हैं।
  • शनि 27 जुलाई से 11 दिसंबर तक सातवें भाव (साझेदारी और विवाह) में वक्री: इस क्षेत्र के मामले धीमे होते हैं और फिर से सामने आते हैं।
  • शुक्र 3 अक्टूबर से 14 नवंबर तक दूसरे भाव से पहले भाव (धन और परिवार) में वक्री: इस क्षेत्र के मामले धीमे होते हैं और फिर से सामने आते हैं।
  • गुरु 13 दिसंबर से बारहवें भाव से ग्यारहवें भाव (खर्च और आराम) में वक्री: इस क्षेत्र के मामले धीमे होते हैं और फिर से सामने आते हैं।

आपका अपना 2026

यह कन्या चंद्र राशि वाले हर व्यक्ति के लिए है। आपकी लग्न, दशा और अष्टकवर्ग इसे बदलते हैं: आपकी अपनी वर्ष कथा आपकी कुंडली से पढ़ी जाती है, पहले दो कार्ड मुफ़्त।

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प्रश्न

2026 कन्या राशि वालों के लिए कैसा रहेगा?

काम में बदलाव का वर्ष। कन्या चंद्र राशि के लिए 2026: गुरु 2 जून तक दसवें भाव में, 2 जून से 31 अक्टूबर तक ग्यारहवें भाव में और 31 अक्टूबर से बारहवें भाव में रहता है, और शनि पूरे वर्ष सातवें भाव में रहता है। मिला-जुला वर्ष: कुछ क्षेत्र आसानी से चलते हैं, कुछ में धैर्य चाहिए। सबसे अच्छे महीने: जुलाई, अगस्त और अक्टूबर।

क्या 2026 में कन्या राशि पर साढ़े साती है?

नहीं। शनि पूरे वर्ष आपकी राशि से सातवें भाव में है, इसलिए 2026 में न साढ़े साती है और न ढैया।

2026 में गुरु कब राशि बदलता है?

2 जून को गुरु कर्क में और 31 अक्टूबर को गुरु सिंह में। कन्या के लिए: 2 जून तक दसवें भाव में, 2 जून से 31 अक्टूबर तक ग्यारहवें भाव में, 31 अक्टूबर से बारहवें भाव में।

2026 में कन्या के लिए सबसे अच्छे महीने कौन से हैं?

सूर्य, मंगल, शुक्र, बुध और धीमे ग्रहों के गोचर से जुलाई, अगस्त और अक्टूबर सबसे अच्छे पढ़ते हैं; मई और दिसंबर में अधिक सावधानी चाहिए। यह चंद्र राशि वाले सबके लिए है; आपकी कुंडली और दशा इसे बदलती हैं।

क्या यह सूर्य राशि का राशिफल है?

नहीं। वैदिक राशिफल चंद्र राशि (जन्म के समय चंद्रमा की राशि) से पढ़ा जाता है, लाहिरी अयनांश से। आपकी चंद्र राशि मुफ़्त कुंडली में दिखती है।

कन्या राशिफल आज2026 के गोचर (अंग्रेज़ी)बुध वक्री 2026 (अंग्रेज़ी)

गोचर नियम: फलदीपिका अध्याय 26 (वेध नियम लागू नहीं)। ग्रह स्थिति स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश से, भारतीय समय में। महीने का आकलन हर महीने की 15 तारीख़ की स्थिति से। हम कैसे गणना करते हैं