श्रीनगर पंचांग
शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2027 · Jammu and Kashmir
पंचांग के पाँच अंग
- तिथि
- शुक्ल नवमी 09:02 AM (अगले दिन) तक
- वार
- शुक्रवार
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा 07:14 AM तक, फिर उत्तराषाढ़ा 10:18 AM (अगले दिन) तक
- योग
- अतिगण्ड 12:52 PM तक, फिर सुकर्मा 01:52 PM (अगले दिन) तक
- करण
- बालव 07:43 PM तक, फिर कौलव 09:02 AM (अगले दिन) तक
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- 06:29 AM
- सूर्यास्त
- 06:06 PM
- चंद्रोदय
- 02:15 PM
- चंद्रास्त
- आज नहीं
- चंद्र राशि
- धनु 01:59 PM तक, फिर मकर 02:56 AM (अगले दिन) तक
- सूर्य राशि
- कन्या
शुभ-अशुभ समय
- राहु काल
- 10:51 AM – 12:18 PM
- यमगण्ड
- 03:12 PM – 04:39 PM
- गुलिक काल
- 07:56 AM – 09:24 AM
- अभिजित मुहूर्त
- 11:55 AM – 12:41 PM
मास और संवत
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- मास (अमांत)
- आश्विन
- मास (पूर्णिमांत)
- आश्विन
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
आपकी कुंडली के लिए आज
पंचांग सबके लिए एक है; आपकी कुंडली पर इसका असर आपकी चंद्र राशि और दशा पर निर्भर है। आज का राशिफल · मुफ़्त कुंडली बनाएँ
पंचांग क्या है
पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के 12 अंश के अंतर से बनती है, इसलिए एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं। नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति से, और योग सूर्य-चंद्र के जोड़ से निकलता है।
पंचांग सूर्योदय पर आधारित है, इसलिए हर शहर का पंचांग थोड़ा अलग होता है: तिथि का अंत एक ही क्षण पर होता है, पर सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त शहर के अनुसार बदलते हैं।
यहाँ हर मान स्विस एफेमेरिस और लाहिरी अयनांश से गणना किया गया है, अनुमान से नहीं।
आज श्रीनगर में कौन सी तिथि है?
शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2027 को श्रीनगर में: शुक्ल नवमी 09:02 AM (अगले दिन) तक।
आज श्रीनगर में राहु काल कब है?
शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2027 को श्रीनगर में राहु काल 10:51 AM – 12:18 PM है। राहु काल दिन के आठ भागों में से एक है; परंपरा में इसमें नया काम शुरू नहीं किया जाता।
आज का नक्षत्र कौन सा है?
पूर्वाषाढ़ा 07:14 AM तक, फिर उत्तराषाढ़ा 10:18 AM (अगले दिन) तक।
आज श्रीनगर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 06:29 AM, सूर्यास्त 06:06 PM।
क्या हर शहर का पंचांग एक जैसा होता है?
नहीं। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण पर बदलते हैं, पर सूर्योदय, राहु काल और शुभ मुहूर्त शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर हैं।
दूसरे शहरों का पंचांग
श्रीनगर के व्रत और त्योहारयह पंचांग अपनी वेबसाइट पर लगाएँ
समय श्रीनगर के स्थानीय समय में। सूर्योदय सूर्य के ऊपरी किनारे से, अपवर्तन सहित; तिथि और करण चंद्र-सूर्य के अंतर से; नक्षत्र और योग लाहिरी अयनांश से। स्थानीय परंपरा के अनुसार व्रत-त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। गणना कैसे होती है